अक्तूबर 17, 2018

जीत हमारी नहीं, सच्चाई की है


जानकीनगर के बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी है। लगातार तीन महीने के संघर्ष के बाद आखिरकार ग्रामीण क्षेत्र की दर से बिजली बिल देने का रास्ता साफ हो गया है। सभी उपभोक्ता से आग्रह है कि वे अपना बिल ऑनलाइन जॉंच लें। बिल जॉंचने का पूरा तरीका जान लें, तब जॉंच लें।
आपको नीचे दिया गया विंडो खुलेगा, जिसमें लाल घेरा वाले लिंक को क्लिक करें।

यदि आपकी श्रेणी में DS1 या NDS1 है तो आपको ग्रामीण दर का बिल आयेगा। यदि यहॉं DS2 या NSD2 है तो आपको शहरी क्षेत्र का बिल आयेगा।
यदि किसी कारण से आपका बिल शहरी क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्र का नहीं हो पाया है तो आप सीधे सहायक विधुत्त अभियंता, बनमनखी से संपर्क करें। इसकी सूचना और अपने बिल निकलने के बाद इसकी एक प्रतिलिपि अपने समूह की बैठक में जमा करें।
यह तो हुई बिल की बात। मानसिक रूप से कमजोर चंद मुठ्ठी भर लोग आपकी इस जीत को हार साबित करने से बाज नहीं आ रहे हैं। चोरी-छुपे वे उपभोक्ताओं को बरगला रहे हैं कि ग्रामीण क्षेत्र की दर से बिजली बिल हो जाने से अब बिजली की कटौती हो रही है और होगी। भारत स्वाभिमान पूरी जिम्मेवारी और जबाबदेही के साथ यह कहता है कि यह पूरी तरह से झूठ है। यदि कोई आपके सामने यह दावा करता है तो उसे यह साबित करने को कहिए। यदि कोई भी व्यक्ति यह साबित कर देता है कि शहरी दर से बिजली बिल रहने के कारण पहले 18 घंटा बिजली रहती थी, अब ग्रामीण क्षेत्र का बिल होने के कारण 12 घंटा ही बिजली रहेगी तो इसे साबित करने वाले को भारत स्वाभिमान 11000/-(ग्यारह हजार)  रूपये इनाम देगा। यदि अपने ऐसा दावा करने वाला अपने दावे को साबित नहीं कर पाता है तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के अलावे 1100/-₹ (एक हजार एक सौ रूपये) जुर्माना भी देना होगा। इस 1100/-₹ राशि में 1000/-₹ ऐसे तत्व को पकड़ने वाले को दी जायेगी। सच्चाई यह है कि बिजली बिल और बिजली आपूर्ति में कोई संबंध ही नहीं है। बिहार सरकार के ऊर्जा विभाग का कहना है कि हम ग्रामीण क्षेत्र में कम से कम 18 घंटा और शहरी क्षेत्र में कम से कम 22 घंटा बिजली आपूर्ति कर रहे हैं। जानकीनगर पावर सब स्टेशन (PSS) में बिजली रहते बेवजह बिजली नहीं काटी जानी चाहिए, आपूर्ति 24 घंटा हो तो हमें भी 24 घंटा बिजली चाहिए।

बिजली कटौती पर भी भारत स्वाभिमान संघर्ष करने के लिए तैयार है, लेकिन ऐसे सिरफिरों को सबक सिखाने के बाद। यदि कोई आपके सामने भारत स्वाभिमान पर बिजली कटौती का आरोप लगाता है या लगाया है तो उसे साबित करने का दबाब दें, दावा करें कि तुम साबित करो, 11000/-₹ मैं दूँगा! वरना माफी मांगो! तुम्हारे चलते बिजली कम हो रही है। तुम बिजली कटौती की वजह जानते ही नहीं, हो भी। ऐसे बेतुके आरोप लगाने वाले से सार्वजनिक रूप से मांफी मंगवाने वाले अपने सदस्य को भारत स्वाभिमान उचित सम्मान और प्रोत्साहन राशि देगा।