अक्तूबर 17, 2018

सहयोग आपका-प्रयास हमारा-भलाई सबकी


जानकीनगर के बिजली उपभोक्ताओं से शहरी दर पर बिजली बिल लेने के विरोध में हमने आज एक कदम और बढ़ाया।

भारत स्वाभिमान के सचिव श्री रजनीश रमण के नेतृत्व में चार सदस्यीय शिष्टमंडल विधुत्त विभाग के कार्यपालक अभियंता, पूर्णियॉं से मिलकर अपनी बात जोरदार तरीके से रखी। कार्यपालक अभियंता ने शिष्टमंडल के सामने ऑनलाईन रिपोर्ट देखी और हमारे दावे को प्रथम द्रष्टतया सही माना।
उन्होंनें इस संबंध में सहायक विधुत्त अभियंता, बनमनखी से लिखित स्पष्टीकरण मांगने का आदेश अपने लिपिक को दिया कि किस परिस्थिति और साक्ष्य के आधार पर कुल 895 उपभोक्ता में से 523 उपभोक्ता से शहरी क्षेत्र का बिल लिया जा रहा है और क्यों?
सहायक विधुत्त अभियंता, बनमनखी के “फूट डालो-राज करो” का सबूत भी उजागर हुआ।
खूँट के कुल 42 उपभोक्ता में से 14 उपभोक्ता से शहरी बिल लिया जा रहा है।
जानकीनगर बाजार के 102 उपभोक्ताओं में 46 उपभोक्ता से शहरी क्षेत्र का बिल लिया जा रहा है।
एन०एच० 107 के किनारे के कुल 118 उपभोक्ता में से 49 उपभोक्ता का शोषण किया जा रहा है।
एस०बी०आई० रोड के 39 उपभोक्ता में से 18 उपभोक्ता को विभाग चूस रहा है।
स्टेशन रोड के 55 उपभोक्ता में से 25 उपभोक्ता बलि का बकरा बन रहे हैं।
जबकि छिटपुट 133 उपभोक्ता में से 61 उपभोक्ता बिजली विभाग के “मालदार हसामी” हैं।
हम अपनी जानकारी और विश्वास के अनुसार पर्याप्त कोशिश कर रहे हैं और इसमें सफलता लेकर रहेंगें।
बड़े दु:ख के साथ यह भी कहना पड़ रहा है कि हमने लगभग हर जनप्रतिनिधि से इस मुद्दे पर एक महीने तक गुहार लगाई, लेकिन रामनगर फरसाही के उपमुखिया श्री जितेश कुमार, पंचायत समिति प्रतिनिधि पूर्व सरपंच श्री नित्यानंद पासवान, मधुबन के पंचायत समिति प्रतिनिधि श्री गुंजन शर्मा के सिवाय किसी जनप्रतिनिधि का उतना सहयोग नहीं मिला, जितना हमें अपेक्षा थी।





हम जनहित के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन वे साथ नहीं दे रहे तो इसलिए कि कहीं भारत स्वाभिमान का नाम न हो जाय!
हम उनके दरवाजे पर दो घंटा बैठकर इंतजार नहीं कर पाते हैं!
हम साथ मांगते हैं तो सुनने को मिलता है- आर०टी०आई० लगाओ, कोर्ट में केस करो, ये करो, वो करो… वगैरह। मतलब मैं भाषण देता हूँ, तुम दौड़ लगाओ। हम कुछ नहीं करेंगें, हम उनको बड़ा नेता मानते हैं,लेकिन जनहित में एकबार फोन उठाकर पदाधिकारी को हमारी बात कह भी नहीं सकते! विधायक और सांसद की बात छोड़ दीजिए, मंत्री तक बनाते हैं, लेकिन जनहित की बात पर पता नहीं उनकी लम्बी पहुँच कहॉं रूक जाती है!
हम हमेशा समाज और राष्ट्रहित में उठाये हर कदम का न केवल स्वागत करते हैं, बल्कि सहयोग भी केवल और केवल जनहित की भावना से करते हैं। बिजली विभाग के उपभोक्ता के शोषण की लड़ाई को न हम केवल लड़ेंगें, बल्कि जीतेंगें भी; भले ही समय जो लगे! इसके बाद हम सड़क की दुर्दशा पर संधर्ष करेंगें, जिन्हें नेतागिरी करना हो; वे सामने आ जायें- हम बिना शर्त साथ देने को तैयार हैं। भारत स्वाभिमान को न नाम चाहिए, न पैसा। हम अपने सभी संसाधनों का प्रयोग अपने खर्च पर करने को तैयार हैं।
शोषण के शिकार हो रहे बिजली उपभोक्ता से आग्रह है कि आप अपनी तरफ से भी एक छोटा सहयोग करें। आप अपनी शिकायत किसी A4 पन्ने पर कार्बन लगाकर “अनुमंडल लोक शिकायत पदाधिकारी, बनमनखी” के नाम से लिख लीजिए, कार्बन निकाल कर उसपर अपना हस्ताक्षर कीजिए और उसे अनुमंडल कार्यालय, बनमनखी के पश्चमी खिड़की पर बने बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार के कांउटर पर जमा करेंगें तो कार्बन प्रति पर हस्ताक्षर मोहर कर आपको पावती दी जायेगी। आपके मोबाईल पर भी मैसेज आयेगा। यदि पदाधिकारीयों द्वारा हमारी सुनवाई नहीं होगी तो हाईकोर्ट में यह हमारा हथियार होगा और जितना अधिक हथियार होगा, जंग जीतना उतना आसान होगा।
लोक शिकायत का एक नमूना आवेदन-पत्र 28/07/2018 तक इस साईट पर उपलब्ध कराने का हम प्रयास करेंगें।