फ़रवरी 11, 2019

अापका पैसा होगा वापस

बिजली विभाग ने चोपड़ा बाजार, खूँट, मधुबन और रामनगर के ग्रामीण उपभोक्ता से जनवरी 2018 से शहरी दर पर बिल वसुलने लगा था। भारत स्वाभिमान इस मामले को सड़क से मंत्री तक ले गया। कुछ व्यक्तियों ने हमारा मजाक उड़ाने की भी कोशिश भी की, लेकिन हमने हार नहीं मानी। अनुमंडल स्तर पर संधर्ष करने के बाद अक्टूबर 2018 से पुन: ग्रामीण दर से बिल लिया जाने लगा, लेकिन वसूल की गई अधिक राशि की वापसी नहीं की गई।
           आज दिनांक 11 फरवरी 2019 को लोक सेवा प्राधिकार पूर्णियॉं के सख्त रवैये पर बिजली विभाग ने अपनी न केवल गलती मानी, बल्कि अधिक वसूल की गई राशि को लौटाने की बात भी स्वीकारी। लोक प्राधिकार ने 2 मार्च 2019 तक अधिक वसूली की गई राशि उपभोक्ताओं को लौटाकर रिपोर्ट मांगी है। विभाग के हाथ-पैर फूल रहे हैं, क्योंकि उन्हें खुद पता नहीं है कि उसने किस उपभोक्ता से कितना अधिक नाजायज पैसा वसूली की है!
            हम चाहते हैं कि बिजली विभाग के शोषण का शिकार हर व्यक्ति से वसूले गये अधिक राशि की वापसी हो। इसके लिए आपको भी सहयोग करना चाहिए। कृपया यथाशीघ्र नीचे दिया गया फार्म भर दें। हम कोशिश करेंगें कि आपसे अधिक वसूल की गई राशि आपको वापस हो।
कृपया यह फार्म भरें। आपके पैसा वापसी के लिए यह मददगार होगा।
यह सुनिश्चित किया जायेगा कि फार्म भरने वाले सभी व्यक्ति को पैसा वापस अवश्य मिले। आप जितना जल्द हो सके यह फार्म भर दें। कहीं कोई कागज नहीं देना है। कोई दलाल यदि पैसा वापसी करने या बिल मे नाजायज फायदा पहुँचाने का लालच देकर कोई मांग करता है तो आप उसके झांसे न आयें।